न हाथ हिलाना, न चिल्लाना
गेस्ट टेबल पर लगा कोड स्कैन करके टैप करता है और वेटर को बुला लेता है। पिंग तुरंत ओनर के फोन पर पहुंच जाता है, इसलिए स्टाफ को पता चल जाता है कि किसी टेबल को उनकी ज़रूरत है, बिना कमरे में इधर-उधर देखे।
Ping-Click
हर टेबल को एक QR कोड दें, जिसे स्कैन करके गेस्ट वेटर बुला सकें या बिल मांग सकें। वे बस अपना कैमरा पॉइंट करते हैं और टैप करते हैं - न कोई ऐप, न भरे हुए रेस्टोरेंट में किसी की नज़र पड़ने का इंतज़ार।
हर टेबल को आप तक पहुंचने का ज़रिया देंभरे हुए रेस्टोरेंट में वेटर का ध्यान खींचने के लिए अक्सर हाथ उठाना पड़ता है, किसी की नज़र पकड़नी पड़ती है, या उठकर जाना पड़ता है। Ping-Click गेस्ट को इससे तेज़ तरीका देता है: टेबल पर लगे QR कोड को स्कैन करें और टैप करके सीधे आपके फोन पर पिंग भेज दें।
आप Ping-Click ऐप में हर टेबल के लिए फ्री में एक कोड बनाते हैं, उसे प्रिंट करके या रखकर वहां लगाते हैं जहां गेस्ट की नज़र पड़े, और हर पिंग रियल-टाइम में अपने डिवाइस पर पाते हैं। गेस्ट को कुछ भी इंस्टॉल नहीं करना पड़ता - बस कैमरा और एक टैप।
गेस्ट टेबल पर लगा कोड स्कैन करके टैप करता है और वेटर को बुला लेता है। पिंग तुरंत ओनर के फोन पर पहुंच जाता है, इसलिए स्टाफ को पता चल जाता है कि किसी टेबल को उनकी ज़रूरत है, बिना कमरे में इधर-उधर देखे।
हर टेबल को अपना कोड मिलता है, इसलिए जब पिंग आता है तो आपको बिल्कुल पता होता है कि कहां जाना है। किस टेबल ने हाथ उठाया या किसी को बुलाया, यह अंदाज़ा नहीं लगाना पड़ता।
गेस्ट बस अपने फोन के कैमरे और एक टैप का इस्तेमाल करते हैं - न कोई ऐप, न अकाउंट, न वाई-फाई लॉगिन। हर टेबल के लिए कोड सेट करना बिल्कुल फ्री है।
नहीं। वे बस अपने फोन के कैमरे से कोड स्कैन करते हैं और टैप करके पिंग भेज देते हैं। कुछ भी इंस्टॉल नहीं करना पड़ता और कोई अकाउंट नहीं बनाना पड़ता।
नहीं। Ping-Click सिर्फ आपके फोन पर एक नोटिफिकेशन भेजता है - पिंग, लाइक या थैंक्स। ऑर्डर और पेमेंट अब भी आपकी सामान्य प्रक्रिया से ही होते हैं।
हर टेबल के लिए अलग कोड सेट करें। जब कोई कोड स्कैन होता है, तो आपको मिलने वाला नोटिफिकेशन बता देता है कि यह कौन-सा कोड था, इसलिए आपको पता होता है कि कहां जाना है।
अपना पहला टेबल कोड बस कुछ मिनटों में सेट करें। बनाना भी फ्री, इस्तेमाल करना भी फ्री।